MP Teacher News : स्कूलों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए लागू किए गए ई-अटेंडेंस सिस्टम को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। गुना जिले में ई-अटेंडेंस दर्ज न करने वाले 134 शिक्षकों को नोटिस जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई शिक्षा पोर्टल 3.0 से प्राप्त ऑनलाइन डाटा के आधार पर की गई है। विभाग ने साफ कर दिया है कि शासन की इस अनिवार्य व्यवस्था की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जवाब संतोषजनक न होने पर आगे अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।
ई-अटेंडेंस में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अनुसार, जिले में शिक्षकों और अतिथि शिक्षकों समेत कुल 9477 कर्मचारी पदस्थ हैं। इनमें से लगभग 75 प्रतिशत शिक्षक नियमित रूप से ई-अटेंडेंस दर्ज कर रहे हैं, लेकिन करीब 2300 शिक्षक अभी भी इस व्यवस्था का पालन नहीं कर रहे हैं। पहले चरण में उन 134 शिक्षकों को चिन्हित किया गया है, जिन्होंने बिल्कुल भी ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं की। इन्हें चेतावनी स्वरूप नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है।
जवाब नहीं मिला तो होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई
डीईओ राजेश गोयल ने स्पष्ट किया है कि ई-अटेंडेंस शासन की अनिवार्य व्यवस्था है। यदि नोटिस का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ सेवा नियमों के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। विभाग रोजाना पोर्टल के माध्यम से उपस्थिति रिपोर्ट की समीक्षा कर रहा है और आगे भी चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई जारी रहेगी।
पारदर्शिता और पढ़ाई की गुणवत्ता पर जोर
शिक्षा विभाग का मानना है कि ई-अटेंडेंस से शिक्षकों की वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित होगी। इससे स्कूलों में समय पर पढ़ाई शुरू होगी और पूरी शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। विभाग का लक्ष्य है कि सभी शिक्षक समय पर स्कूल पहुंचें और विद्यार्थियों को नियमित व गुणवत्तापूर्ण शिक्षण मिल सके।
तकनीकी समस्याओं की भी होगी जांच
कुछ शिक्षकों ने नेटवर्क समस्या, मोबाइल या ऐप में खराबी के कारण ई-अटेंडेंस दर्ज न होने की शिकायत की है। इन मामलों को ध्यान में रखते हुए विभाग ने स्कूलों में भौतिक सत्यापन कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए विभागीय दल गठित किए जाएंगे, जो मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति की जांच करेंगे। यदि तकनीकी खामी पाई जाती है, तो उसे तुरंत दूर करने की कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर द्वारा भी निर्देश जारी किए गए हैं कि उपस्थिति केवल शासन द्वारा लागू ई-अटेंडेंस सिस्टम के माध्यम से ही दर्ज कराई जाए।
