MP Ladli Behna Yojana: मध्यप्रदेश की लाड़ली बहनों के लिए सरकार ने एक बार फिर भरोसे और राहत का संदेश दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि लाड़ली बहना योजना बंद नहीं होगी, बल्कि इसे और सशक्त बनाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2028 तक इस योजना की मासिक सहायता राशि को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर 5000 रुपये किया जाए। इस ऐलान से प्रदेश की लाखों महिलाओं में भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगी है।
लाड़ली बहना योजना पर सरकार का स्पष्ट रुख
विधानसभा के शीतकालीन सत्र में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि लाड़ली बहना योजना को लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यह योजना पूरी मजबूती के साथ जारी है और आगे भी चलती रहेगी। सरकार हर हाल में महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा देने के अपने संकल्प पर कायम है।
2028 तक 5000 रुपये का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना की शुरुआत जून 2023 में 1000 रुपये प्रतिमाह से हुई थी। इसके बाद सहायता राशि को बढ़ाकर पहले 1250 रुपये और फिर 1500 रुपये किया गया। अब सरकार की दीर्घकालिक योजना है कि वर्ष 2028 तक इसे 5000 रुपये प्रतिमाह तक पहुंचाया जाए। यह कदम महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा माना जा रहा है।
नारी सशक्तिकरण को लेकर बड़ी सोच
सीएम मोहन यादव ने कहा कि सरकार सिर्फ मासिक सहायता तक सीमित नहीं रहना चाहती। उनका उद्देश्य है कि प्रदेश की महिलाएं आत्मनिर्भर बनें और उनकी मासिक आय 10 से 15 हजार रुपये तक पहुंचे। इसके लिए स्वरोजगार, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है। उन्होंने विपक्ष से भी सकारात्मक सुझाव देने की अपील की।
अगली किस्त को लेकर महिलाओं की नजर
लाड़ली बहना योजना की 31वीं किस्त दिसंबर में जारी की जा चुकी है। अब लाभार्थी महिलाओं को 32वीं किस्त का इंतजार है। माना जा रहा है कि यह किस्त जनवरी में जारी हो सकती है, हालांकि अभी आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। मुख्यमंत्री के बयान से यह स्पष्ट है कि योजना को लेकर सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है और आगे भी इसे मजबूत किया जाएगा।
