संविदा कर्मचारियों हेतु बड़ी खुशखबरी, हर साल वेतन बढ़ेगा और अनुकंपा नियुक्ति भी मिलेगी MP Contract Employees News

MP Contract Employees News: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) मध्यप्रदेश के अंतर्गत कार्यरत हजारों संविदा कर्मचारियों के लिए सरकार ने बड़ी राहत का कदम उठाया है। नया एचआर मैनुअल लागू होने के बाद अब कर्मचारियों को सालाना अनुबंध नवीनीकरण की चिंता से मुक्ति मिलेगी, महंगाई के अनुसार वेतनवृद्धि होगी और सेवा के दौरान सुरक्षा भी सुनिश्चित की गई है। सबसे अहम बात यह है कि आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में अब परिवार को अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार मिलेगा, जिससे कर्मचारियों में भरोसा और स्थायित्व की भावना मजबूत हुई है।

नया एचआर मैनुअल बना राहत की आधारशिला

एनएचएम द्वारा लागू किए गए नए एचआर मैनुअल में कई कर्मचारी हितैषी प्रावधान जोड़े गए हैं। अब संविदा कर्मचारियों को हर वर्ष अनुबंध बढ़वाने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। इसके साथ ही कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आधार पर वार्षिक वेतनवृद्धि का प्रावधान किया गया है, जिससे महंगाई के प्रभाव को कुछ हद तक संतुलित किया जा सकेगा। यह बदलाव लंबे समय से चली आ रही मांगों का सकारात्मक परिणाम माना जा रहा है।

स्थानांतरण और सेवा सुरक्षा को मिली मान्यता

नए नियमों के तहत जिला स्वास्थ्य समिति को यह अधिकार दिया गया है कि वह जिले के भीतर संविदा कर्मचारियों का स्थानांतरण कर सके। इससे कर्मचारियों को पारिवारिक और व्यक्तिगत जरूरतों के अनुरूप काम करने में सुविधा मिलेगी। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में एनएचएम के अंतर्गत 32 हजार से अधिक संविदा कर्मचारी विभिन्न पदों पर सेवाएं दे रहे हैं, जो अब तक स्थायित्व की कमी महसूस कर रहे थे।

अनुकंपा नियुक्ति से बढ़ा भरोसा

नए एचआर मैनुअल का सबसे बड़ा बदलाव अनुकंपा नियुक्ति से जुड़ा है। अब सेवा के दौरान किसी संविदा कर्मचारी की आकस्मिक मृत्यु होने पर उसके परिवार को अनुकंपा नियुक्ति या अनुग्रह राशि में से किसी एक का विकल्प मिलेगा। पहले केवल आर्थिक सहायता तक ही व्यवस्था सीमित थी, लेकिन अब परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने का रास्ता खुल गया है।

पहली अनुकंपा नियुक्ति बनी उदाहरण

नए प्रावधानों के तहत प्रदेश में पहली अनुकंपा नियुक्ति भी दी जा चुकी है। टीकमगढ़ जिला चिकित्सालय में कार्यरत संविदा एएनएम के निधन के बाद उनकी पुत्री को योग्यता के अनुसार संविदा डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर नियुक्त किया गया। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार केवल नियम बना ही नहीं रही, बल्कि उन्हें जमीन पर भी लागू कर रही है।

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