केंद्रीय कर्मचारियों हेतु सरकार का बड़ा तोहफा, खाते में आएंगे ₹25 लाख, जानिए कैसे? House Building Advance Scheme

House Building Advance Scheme : अपना खुद का घर होना हर इंसान का सपना होता है, और केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए ये सपना पूरा करना कुछ हद तक आसान हो जाता है। वजह है केंद्र सरकार की हाउस बिल्डिंग एडवांस (HBA) स्कीम, जिसके जरिए कर्मचारियों को बहुत कम ब्याज पर घर बनाने या खरीदने के लिए लोन मिलता है। चलिए, इस स्कीम को थोड़ा करीब से समझते हैं और जानते हैं कि ये कैसे काम करती है।

स्कीम की पूरी जानकारी

हाउस बिल्डिंग एडवांस स्कीम के तहत केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को नया घर बनवाने, तैयार मकान या फ्लैट खरीदने, पुराने घर की मरम्मत कराने या प्लॉट लेने के लिए सरकार कम ब्याज दर पर एडवांस देती है। ये स्कीम कर्मचारियों के भविष्य को मजबूत बनाने और घर की जरूरतें पूरी करने में बड़ी सहायता करती है। सरकार ने समय-समय पर इसकी लिमिट बढ़ाकर इसे और उपयोगी बनाया है।

अब कोई केंद्रीय कर्मचारी अपने बेसिक पे प्लस डीए के 34 महीने तक की रकम या अधिकतम 25 लाख रुपये तक का HBA ले सकता है। अगर घर का विस्तार करना हो या रिपेयर करानी हो, तो भी तय सीमा के हिसाब से एडवांस मिल जाता है। सबसे अच्छी बात ये है कि HBA पर ब्याज दर मार्केट की होम लोन रेट्स से काफी कम होती है। वर्तमान में ये दर करीब 7.44% के आसपास है, जबकि प्राइवेट बैंक या फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन में होम लोन की दरें इससे ज्यादा चल रही हैं। खास बात ये कि HBA का ब्याज फिक्स्ड रहता है, यानी पूरी लोन पीरियड में रेट बढ़ने की टेंशन नहीं रहती।

हाउस बिल्डिंग एडवांस की मुख्य शर्तें

ये सुविधा केंद्र सरकार के सभी परमानेंट कर्मचारियों के लिए उपलब्ध है, और कुछ खास कंडीशंस पूरी करने पर टेम्परेरी कर्मचारी भी इसका फायदा उठा सकते हैं। हालांकि, कर्मचारी को कम से कम 5 साल की कंटीन्यूअस सरकारी सर्विस पूरी करनी जरूरी है। साथ ही, उनके नाम पर पहले से कोई सरकारी क्वार्टर अलॉट न हो या पहले कोई हाउसिंग से जुड़ा सरकारी लाभ न लिया गया हो। अगर पति-पत्नी दोनों सरकारी नौकरी में हैं, तो दोनों अलग-अलग या जॉइंटली HBA ले सकते हैं, लेकिन पहले के नियमों की तुलना में अब ये ज्यादा फ्लेक्सिबल है।

स्कीम के नियम अब और आसान हो गए

पिछले कुछ सालों में सरकार ने HBA के नियमों को काफी सरल बना दिया है। अब निर्माण का सर्टिफिकेट, मैप अप्रूवल और बाकी डॉक्यूमेंट्स ऑनलाइन सबमिट करने की सुविधा है। इससे पूरी प्रोसेस तेज हो गई है और कर्मचारियों को बेवजह की दौड़-धूप या देरी नहीं झेलनी पड़ती। कुल मिलाकर, ये स्कीम सरकारी कर्मचारियों के लिए घर का सपना साकार करने का एक मजबूत सहारा बनी हुई है।

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