MP Teacher Bharti Rules: मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। जबलपुर हाईकोर्ट ने शिक्षक भर्ती नियमों की धारा 12.4 को लेकर राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इस धारा के तहत आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को 90 अंक से कम होने पर मेरिटोरियस न मानने का प्रावधान किया गया है, जिसे भेदभावपूर्ण बताते हुए हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। अदालत के इस कदम से भर्ती प्रक्रिया पर बड़ा असर पड़ सकता है।
क्या है शिक्षक भर्ती नियम की धारा 12.4
धारा 12.4 के अनुसार यदि कोई आरक्षित वर्ग का उम्मीदवार शिक्षक भर्ती परीक्षा में 90 से कम अंक प्राप्त करता है, तो उसे मेरिटोरियस श्रेणी में नहीं रखा जाएगा। ऐसे उम्मीदवार को अनारक्षित वर्ग में चयन का लाभ नहीं मिलेगा, भले ही उसके अंक सामान्य वर्ग की कट-ऑफ से अधिक क्यों न हों। इसी प्रावधान को लेकर अभ्यर्थियों में लंबे समय से असंतोष बना हुआ है।
हाईकोर्ट में क्यों दी गई चुनौती
हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि यह नियम समानता के अधिकार का उल्लंघन करता है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि यदि आरक्षित वर्ग का कोई उम्मीदवार अनारक्षित वर्ग की कट-ऑफ से अधिक अंक लाता है, तो उसे सामान्य श्रेणी में चयन का अवसर मिलना चाहिए। धारा 12.4 इस संभावना को पूरी तरह समाप्त कर देती है, जो संविधान के मूल सिद्धांतों के विपरीत है।
कोर्ट ने राज्य सरकार से मांगा जवाब
मामले की सुनवाई के दौरान जबलपुर हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया इसे गंभीर मुद्दा मानते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने सरकार से स्पष्ट जवाब देने को कहा है कि आखिर किस आधार पर यह प्रावधान बनाया गया और यह किस तरह संवैधानिक कसौटियों पर खरा उतरता है। अब सरकार के जवाब के बाद ही आगे की दिशा तय होगी।
उम्मीदवारों की निगाहें कोर्ट के फैसले पर
इस मामले का सीधा असर मध्यप्रदेश की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पर पड़ सकता है। हजारों अभ्यर्थी इस नियम के कारण प्रभावित हो रहे हैं। यदि हाईकोर्ट धारा 12.4 को असंवैधानिक ठहराता है, तो भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव संभव है। ऐसे में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों की नजरें अब हाईकोर्ट के अगले आदेश पर टिकी हुई हैं।
