CTET 2026 New Update: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षित सहायक शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है। अब सीटेट 2026 के आवेदन में आ रही बाधा दूर हो गई है, क्योंकि इन शिक्षकों को उनके विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण के पूर्णांक और प्राप्तांक उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे पात्रता को लेकर बना भ्रम समाप्त होगा और वे बिना अड़चन के सीटेट में आवेदन कर सकेंगे। लंबे समय से चले आ रहे असमंजस पर अब विराम लग गया है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश से स्थिति स्पष्ट
शीर्ष अदालत ने साफ किया है कि विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण एनसीटीई से मान्यता प्राप्त है और यह आरटीई अधिनियम लागू होने से पहले कराया गया था। ऐसे में इस प्रशिक्षण के आधार पर नियुक्त सहायक शिक्षकों को सीटेट या टेट जैसे पात्रता परीक्षा के आवेदन से वंचित नहीं किया जा सकता। अदालत के इस फैसले ने शिक्षकों के अधिकारों को स्पष्ट रूप से सुरक्षित किया है।
एससीईआरटी का अहम पत्र
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने परीक्षा नियामक प्राधिकारी, प्रयागराज को पत्र भेजकर पूरी स्थिति से अवगत कराया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि विशिष्ट बीटीसी उत्तीर्ण अभ्यर्थी वर्तमान में बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत हैं। इसलिए सीटेट आवेदन के लिए उन्हें उनके प्रशिक्षण से संबंधित पूर्णांक और प्राप्तांक देना आवश्यक है।
डायट को निर्देश देने की तैयारी
एससीईआरटी ने सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने का आग्रह किया है। इससे संबंधित शिक्षकों को समय पर अंकपत्र उपलब्ध हो सकेंगे और सीटेट आवेदन प्रक्रिया में किसी भी तरह की तकनीकी या कानूनी परेशानी नहीं आएगी। इससे आवेदन प्रक्रिया सुचारु होने की उम्मीद है।
सीटेट 2026 में आ रही थी क्या समस्या
सीटेट फरवरी 2026 की सूचना पुस्तिका में प्राथमिक स्तर के लिए छह माह के विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण का विकल्प शामिल नहीं किया गया था। इसी वजह से बीएड योग्य और विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षित शिक्षक प्रश्नपत्र एक के लिए आवेदन नहीं कर पा रहे थे। अब एससीईआरटी ने स्पष्ट कर दिया है कि परिषद के सेवा नियमों में विशिष्ट बीटीसी मान्य है, इसलिए इसके अंकों के आधार पर सीटेट 2026 में आवेदन किया जा सकेगा।
