UPS Good News : यूनिफाइड पेंशन को लेकर सरकार का कर्मचारियों को तोहफा, न्यूनतम वेतन ₹10000 तय

UPS Good News : केंद्र सरकार की यूनिफाइड पेंशन योजना (UPS) को लेकर जो उम्मीदें लगाई जा रही थीं, वो फिलहाल जमीन पर कमजोर ही नजर आ रही हैं। लोकसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक 30 नवंबर 2025 तक सिर्फ 1,22,123 कर्मचारी और पेंशनर्स ही इस योजना को चुन पाए हैं। इसमें मौजूदा कर्मचारी, नए जॉइन करने वाले और रिटायर्ड लोग—तीनों शामिल हैं। जबकि सरकार ने डेडलाइन दो बार बढ़ाई, फिर भी कर्मचारियों का भरोसा पूरी तरह बनता नहीं दिख रहा।

UPS को लेकर क्यों बना है असमंजस

UPS को सरकार ने NPS के विकल्प के तौर पर पेश किया था और इसे पुराने पेंशन सिस्टम जैसा “गारंटीड और तय लाभ” देने वाली योजना बताया गया। यह योजना उन केंद्रीय कर्मचारियों के लिए है, जिन्होंने 1 अप्रैल 2025 से पहले नौकरी जॉइन की थी। अनुमान था कि करीब 23 लाख केंद्रीय कर्मचारी इसके दायरे में आएंगे और अगर राज्य सरकारें भी इसे अपनाती हैं, तो यह आंकड़ा 90 लाख तक पहुंच सकता है। लेकिन करीब आठ महीने बाद भी सिर्फ 1.22 लाख का आगे आना बताता है कि कर्मचारी अभी सोच-समझकर कदम रखना चाहते हैं।

सरकार ने दी वापसी की राहत

कर्मचारियों की दुविधा को देखते हुए सरकार ने एक खास राहत दी है। जो कर्मचारी UPS चुन चुके हैं, उन्हें एक बार फिर NPS में लौटने का मौका दिया गया है। हालांकि यह सुविधा सिर्फ एक बार और एकतरफा है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, कर्मचारी रिटायरमेंट से 12 महीने पहले, स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति से 3 महीने पहले या इस्तीफा देते समय NPS में वापस जा सकते हैं। लेकिन बर्खास्तगी, दंडात्मक रिटायरमेंट या अनुशासनात्मक कार्रवाई वाले मामलों में यह विकल्प नहीं मिलेगा।

पेंशन के नियम और शर्तें साफ

UPS के तहत पेंशन की गारंटी को लेकर सरकार ने नियम भी स्पष्ट कर दिए हैं। 25 साल की सेवा पूरी करने पर रिटायरमेंट से पहले के आखिरी 12 महीनों की औसत बेसिक सैलरी का 50% पेंशन के रूप में मिलेगा। कम सेवा अवधि वालों को अनुपात में पेंशन तय होगी, लेकिन कम से कम 10 साल की सेवा पर ₹10,000 महीना न्यूनतम पेंशन मिलेगी। कर्मचारी की मृत्यु के बाद परिवार पेंशन सिर्फ कानूनी जीवनसाथी को मिलेगी, जो कर्मचारी की पेंशन का 60% होगी। जीवनसाथी न होने पर बच्चों को यह लाभ नहीं मिलेगा, जो कई कर्मचारियों के लिए चौंकाने वाली बात मानी जा रही है।

वेट एंड वॉच मोड में कर्मचारी

कम आंकड़े यह इशारा कर रहे हैं कि कर्मचारी अभी जल्दबाजी में फैसला नहीं लेना चाहते। UPS को लेकर फायदे-नुकसान को तौलने के बाद ही लोग आगे बढ़ रहे हैं, इसलिए फिलहाल माहौल “वेट एंड वॉच” वाला ही बना हुआ है।

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