MP Teacher Holiday News : मध्यप्रदेश शिक्षकों को सरकार का सबसे बड़ा तोहफा, अब 10 दिन अवकाश नया नियम जारी

MP Teacher Holiday News : मध्य प्रदेश सरकार अपने कर्मचारियों को बड़ी राहत देने की तैयारी में है। नए साल की शुरुआत के साथ ही सरकारी नौकरीपेशा लोगों के लिए तीन अहम फैसले लागू होने जा रहे हैं। इनमें सबसे बड़ा फायदा प्रदेश के साढ़े चार लाख से ज्यादा शिक्षकों को होगा, जिन्हें अब हर साल 10 दिन का अर्जित अवकाश मिलने वाला है। करीब 17 साल बाद सरकार यह सुविधा दोबारा लागू करने जा रही है। इसके साथ ही रिटायरमेंट के बाद बचे हुए अर्जित अवकाश का पूरा नकदीकरण भी किया जाएगा। इतना ही नहीं, सरकारी नौकरी में दो बच्चों की अनिवार्यता वाली शर्त को भी हटाने का फैसला लगभग तय माना जा रहा है। ये सभी प्रावधान जनवरी 2026 से लागू किए जाएंगे।

फिलहाल मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को अर्जित अवकाश की सुविधा नहीं दी जाती थी। इसकी वजह यह बताई जाती रही कि शिक्षकों को गर्मियों की छुट्टियां पहले से ही मिलती हैं। लेकिन समय के साथ ग्रीष्मावकाश लगातार कम होते चले गए। जो छुट्टियां कभी दो महीने तक हुआ करती थीं, वे अब सिमटकर महज 20 से 22 दिन की रह गई हैं। ऐसे में शिक्षक लंबे समय से अर्जित अवकाश की मांग कर रहे थे। शिक्षकों की इस मांग को देखते हुए वित्त विभाग ने पुराने मध्य प्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 1977 की जगह नए मध्य प्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 का मसौदा तैयार किया है।

नए अवकाश नियम 2025 में शिक्षकों के लिए क्या खास है?

नए नियमों के तहत शैक्षणिक संवर्ग में आने वाले कर्मचारियों को एक साल में 10 दिन का अर्जित अवकाश मिलेगा। खास बात यह है कि अब सेवानिवृत्ति के समय जितने भी अर्जित अवकाश शेष रहेंगे, उनका नकदीकरण किया जाएगा। अभी तक पूरे सेवाकाल में अधिकतम 240 दिन के अर्जित अवकाश के नकदीकरण की सुविधा थी, जिसे बढ़ाकर 300 दिन करने का प्रस्ताव है। इससे रिटायर होने वाले कर्मचारियों को आर्थिक रूप से बड़ा लाभ मिलेगा।

अब तक प्रक्रिया जटिल होने के कारण कई कर्मचारी अर्जित अवकाश का पूरा फायदा नहीं उठा पाते थे। इसी को ध्यान में रखते हुए नियमों को सरल बनाने की तैयारी भी की जा रही है। साथ ही स्वैच्छिक अवकाश और साप्ताहिक अवकाश से जुड़े नियमों में भी बदलाव का प्रस्ताव है। वर्तमान में शासकीय कार्यालय सप्ताह में पांच दिन चलते हैं और शनिवार को अवकाश रहता है। यह व्यवस्था कोरोना काल में शुरू की गई थी। अब सरकार इस व्यवस्था की समीक्षा कर रही है और दूसरे व तीसरे शनिवार को कार्यालय खोलने की पुरानी प्रणाली को दोबारा लागू किया जा सकता है।

24 साल बाद हटेगी दो बच्चों की शर्त

सरकार एक और अहम फैसला लेने जा रही है, जो हजारों कर्मचारियों को राहत देगा। अब तक नियम था कि यदि किसी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी का तीसरा बच्चा होता है, तो उसे सेवा के लिए अपात्र मान लिया जाता था। यह शर्त 26 जनवरी 2001 से लागू थी। अब इसे हटाने की तैयारी है। दरअसल, छत्तीसगढ़, राजस्थान सहित कई अन्य राज्य पहले ही इस तरह की शर्त को खत्म कर चुके हैं। मध्य प्रदेश में भी इस फैसले से स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा समेत कई विभागों के कर्मचारियों को फायदा होगा।

इस फैसले के बाद इससे जुड़ी लंबित शिकायतें तो स्वतः ही समाप्त हो जाएंगी, लेकिन जिन मामलों में पहले ही कार्रवाई हो चुकी है, उन्हें कोई राहत नहीं मिलेगी। क्योंकि सरकार इस निर्णय को भूतलक्षी प्रभाव से लागू नहीं करने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दिया है। माना जा रहा है कि जल्द ही इस पर अंतिम मुहर लग सकती है।

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